(HIV)एड्स क्या है जानें इसके लक्षण व बचाव के लिए जरूरी जानकारी अगर अच्छी लगे तो शेयर जरुर करें

(HIV)एड्स क्या है जानें इसके लक्षण व बचाव के लिए जरूरी जानकारी अगर अच्छी लगे तो शेयर जरुर करें…………

 

आधुनिक युग का एक बहुत ही गंभीर और जानलेवा रोग है। AIDS की Full Form है Acquired Immuno Deficiency Syndrome यानि ऐसी बीमारी जो रोग-प्रतिकार शक्ति कम कर लक्षण देता है। इस रोग में व्यक्ति अपनी प्राकृतिक रोग-प्रतिकार शक्ति खो देता है। AIDS पीड़ित व्यक्ति के शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण अवसरवादी संक्रमण जैसे कि सर्दी, खांसी, TB इत्यादि रोग आसानी से हो जाते है और उनका इलाज करना भी काफी कठिन हो जाता है।

HIV-AIDS-CAUSES-SYMPTOMS-TREATMENT-HINDI

AIDS रोग HIV विषाणु के संक्रमण से होता है। HIV का Full Form है Human Immuno Deficiency Virus यानि ऐसा विषाणु जो रोग प्रतिकार शक्ति कम कर देता है। HIV संक्रमण होने के बाद AIDS कि स्तिथि तक पहुचने में और लक्षण दिखने में 8-10 साल या ज्यादा समय भी लगने के कारण कई सालों तक तो रोगी को पता ही नहीं चलता कि उसे आखिर हुआ क्या है। धीरे-धीरे करके उसके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता अर्थात रोगों से लड़ने की शक्ति समाप्त होने लगती है। इस रोग की जांच करवाने के तीन साल के अन्दर ज्यादातर रोगियों की मृत्यु हो जाती है।

AIDS कैसे होता हैं ?

एड्स रोग HIV के संक्रमण से होता है। HIV संक्रमित व्यक्ति, जो HIV Positive हो या न हो और जिसमे HIV के लक्षण नहीं दिख रहे है ऐसे HIV संक्रमित व्यक्ति के खून , वीर्य , योनिक पानी और माँ के दूध से HIV संक्रमण होने से AIDS हो सकता है। आमतौर पर लोग HIV Positive होने का मतलब AIDS समझने लगे है, लेकिन ऐसा नहीं है। HIV Positive होने के बाद 8 से 10 साल में पीड़ित कि रोग प्रतिकार शक्ति क्षीण हो जाती है और वह अन्य मौकापरस्त रोगो से ग्रस्त हो जाता है, इस स्तिथि को AIDS कहते है।

निम्नलिखित प्रकार से HIV संक्रमण हो सकता है :-

संक्रमित व्यक्ति से असुरक्षित यौन-संबंध बनाने से।
अगर मुंह में छाले या मसूड़ो से खून बह रहा हो तब भी संक्रमण फ़ैल सकता है।
AIDS से ग्रस्त रोगी पर प्रयोग किए हुए इंजैक्शन को दूसरे व्यक्ति के शरीर में लगाने से।
AIDS संक्रमित खून प्राप्त करने से।

AIDS ग्रस्त मां के द्वारा जन्म लेने वाले बच्चे को।
AIDS ग्रस्त मां के दूध से।
दाढ़ी करते समय, टैटू लगाते समय और शरीर में कोई छेद करते समय उपयोग में लिए जाने वाले सुई, ब्लेड इत्यादि सामग्री HIV विषाणु से संक्रमित होने पर।
AIDS के क्या लक्षण है ? AIDS के प्रारंभिक लक्षण निचे दिए गए है :-

अत्यधिक वजन का कम होना।
अधिक समय तक सुखी खांसी आना।
बार-बार बुखार आना।
लसिकाओ / ग्रन्थियों में सूजन।
एक हफ्ते से अधिक समय तक पतले दस्त होना।
बार-बार Fungal Infection होना।
रात को पसीना आना।

चमड़ी के निचे, मुंह, पलको के निचे या नाक में लाल, भूरे, बैंगनी या गुलाबी रंग के धब्बे होना।
याददाश कम होना।
शरीर में दर्द होना।
मानसिक रोग।

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